खाटू आने वाला निहाल हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू आने वाला निहाल हो गया,

जो भी दर पे आया माला माल हो गया

ये कमाल हो गया बेमिसाल हो गया,

हार के जो भी आया शरण में हसके गले है लगाते,

जिसने करली श्याम से यारी सांवरिया उसको निभाते,

जो हारा गम का मारा मेरे बाबा को पुकारा,

खाटू आने वाला निहाल हो गया,

रुत है मिलन की चल खाटू में,इसा ना साथ मिलेगा,

खुशिया ही खुशिया रहो में होगी बिन मांगे सब कुछ मिलेगा,

खाटू आने वाला निहाल हो गया........

बिगड़ी बनाते गा यह पल में मिट जाये गा सब अँधेरा,

जीवन में तेरे होगा उजाला करदे मुराई सवेरा,

सोनू लाखा यह पुकारा,मुझे तेरा ही सहारा,

खाटू आने वाला निहाल हो गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।