भोले तेरे चरणों की अगर धुल जो मिल जाये

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बम बम बोलो……….

भोले तेरे चरणों की,

गौरा तेरे चरणों की,

अगर धुल जो मिल जाये ,

सच कहता हूँ मेरी ,

तकदीर बदल जाए………..

सुनते हैं तेरी रहमत,

दिन रात बरसती है,

एक बूँद जो मिल जाये,

दिल की कली खिल जाये,

भोले तेरे चरणों की,

गौरा तेरे चरणों की……..

ये मन बड़ा चंचल है,

कैसे तेरा भजन करूँ,

जितना इसे समझाऊँ,

उतना ही मचल जाये,

भोले तेरे चरणों की,

गौरा तेरे चरणों की……..

नजरों से गिराना ना,

चाहे कितना सजा देना,

नज़रों से जो गिर जाए,

मुश्किल है संभल पाए,

भोले तेरे चरणों की,

गौरा तेरे चरणों की……..

गौरा इस जीवन में,

बस एक तमन्ना है,

तुम सामने हो मेरे,

मेरी दम निकल जाये,

भोले तेरे चरणों की,

गौरा तेरे चरणों की……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।