चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे....

सफेद रंग मैया ब्रह्माणी को भाए,

चारों वेद लिखाए चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे,

सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे....

गुलाबी रंग मैया लक्ष्मी जी को भाऐ,

भंडारे भरवाए चुनरिया सत रंग रंगाऊ रे,

सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे....

हरा हरा रंग मेरी गौरा मां को भाऐ,

अमर सुहाग कराए चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे,

सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे....

पीला पीला रंग मेरी सीता मां को भाऐ,

मर्यादा सिखलाए चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे,

सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे....

नीला नीला रंग मेरी राधा जी को भाऐ,

ब्रज में रास रचाए चुनरिया सत रंग रंगाऊ रे,

सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे....

काला काला रंग मेरी काली मां को भाऐ,

दुष्टों का नाश कराएं चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे,

सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे....

लाल लाल रंग मेरी वैष्णो मां को भाऐ,

गोदी में लाल खिलाए चुनरिया सत रंग रंगाऊ रे,

सतरंग सतरंग सतरंग चुनरिया सतरंग रंगाऊ रे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।