वो काला एक बांसुरी वाल सुध बिसरा गया मोरी रे

अनूप जलोटा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

वो काला एक बांसुरी वाला,

सुध बिसरा गया मोरी रे ।

माखन चोर वो नंदकिशोर जो,

कर गयो मन की चोरी रे ॥

पनघट पे मोरी बईया मरोड़ी,

मैं बोली तो मेरी मटकी फोड़ी ।

पईया परूँ करूँ बीनता मैं पर,

माने ना वो एक मोरे रे ॥

छुप गयो फिर एक तान सुना के,

कहाँ गयो एक बाण चला के ।

गोकुल ढूंढा मैंने मथुरी ढूंढी,

कोई नगरिया ना छोड़ी रे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।