छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है,

भोले की पूजा करती है शिव शंकर को मनाती है,

छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है.....

वह फूल बगिया में जाती है डलियां में फूल ले आती है,

फूलों का हार बना कर के शिव को पहनाया करती है,

छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है.....

वह गंगा तट पर जाती ही गंगा जल भर ले आती है,

गंगाजल ला करके अपने भोले को खूब चढ़ाती है,

छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है.....

वह घिस घिस चंदन लाती थी भोले को तिलक लगाती है,

चंदन का तिलक लगाकर के भोले को खूब सजाती है,

छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है.....

वह बागों अंदर जाती थी और बेलपत्र ले आती है,

वह बेलपत्र ले जाकर के भूले को खुश कर देती है,

छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है.....

वह गौशाला में जाती थी और गैया का दूध ले आती है,

गैया के दूध को लाकर के भूले स्नान कराती है,

छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है.....

खुश होकर शिव वरदान दिया भक्ति का भाग पहचान लिया,

संतो और भक्तों के संग में शिव का गुण गाया करती है,

छोटी सी कन्या पार्वती भोले की पूजा करती है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।