रामा कहें वन वन में

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

रामा कह वन वन में मेरी सीता कहां गई है,

कुटिया पड़ी है खाली मेरी सीता कहां गई है,

रामा कह वन वन में.....

गंगा पर जाकर देखो केवट से जाकर पूछो,

सीता वही मिलेंगे देखो गंगा नहा रही है,

रामा कह वन वन में.....

वन वन में जाकर देखो तोता मैना से पूछो,

सीता वही मिलेंगी देखो दाना खिला रही हैं,

रामा कह वन वन में.....

धरती माता से पूछो कुटिया में जाकर देखो,

सीता वही मिलेंगी देखो झाड़ू लगा रही हैं,

रामा कह वन वन में.....

बगियन में जाकर देखो माली से जाकर पूछो,

सीता वही मिलेंगी देखो माला बना रही है,

रामा कह वन वन में.....

मंदिर में जाकर देखो पंडित से जाकर पूछो,

सीता वही मिलेंगी देखो माला फेर रही हैं,

रामा कह वन वन में.....

सत्संग में जाकर देखो भक्तों से जाकर पूछो,

सीता वही मिलेंगी देखो हरि गुण गा रही हैं,

रामा कह वन वन में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।