नैना देवी नयन खोलो पुजारी द्वारा आया है

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नैना देवी नयन खोलो पुजारी द्वार आया है....

मैया के द्वारे मेरे ब्रह्मा जी पधारे,

शंख दे दो चले जाएं पुजारी द्वार आया है,

नैना देवी.....

मैया के द्वारे मेरे विष्णु जी पधारे,

चक्र दे दो चले जाएं पुजारी द्वार आया है,

नैना देवी नैना खोलो.....

मैया के द्वारे मेरे भोले जी पधारे,

डमरु दे दो चले जाएं पुजारी द्वार आया है,

नैना देवी.....

मैया के द्वारे मेरे रामा जी पधारे,

धनुष दे दो चले जाएं पुजारी द्वार आया है,

नैना देवी.....

मैया के द्वारे मेरे कान्हा जी पधारे,

मुरली दे दो चले जाएं पुजारी द्वार आया है,

नैना देवी.....

मैया के द्वारे तेरे भगत पधारे,

दरस दे दो चले जाएं पुजारी द्वार आया है,

नैना देवी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।