मां लक्ष्मी घर आओ मेरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय मां लक्ष्मी नमो नमः

जय जग जननी नमो नमः

धन-संपत्ति की देवी माता

कमला देवी नमो नमः

मां लक्ष्मी हम भक्तों उपर, दया कभी दिखलाओ मां,

दीन दुखियों की अरज सुनो तुम, उनके घर भी आओ मां,

मां लक्ष्मी हम भक्तों उपर, दया कभी दिखलाओ मां.....

भूखों के घर भोजन तुमसे, तुमसे सुख का सागर है,

भर दो तुम आशीष से अपने, खाली मन का गागर है,

तुम आओ संग खुशियां लाओ फिर ना लौट के जाओ मां,

मां लक्ष्मी हम भक्तों उपर, दया कभी दिखलाओ मां.....

राजा को तुम रंक बना दो, रंक दया से राज करें,

जाती हो तुम उनके घर जो हरदम पुण्य का काज करें,

कृपा करो हे जग की माता, दुख को दूर भगाओ मां,

मां लक्ष्मी हम भक्तों उपर, दया कभी दिखलाओ मां.....

करुणा मई है लक्ष्मी माता, तेरे दर पे आये हैं,

विचलित जीवन के अपने हम कष्ट बताने आये है,

अपने कर कम लो से मेरे, घर भी खुशिया लाओ माँ,

मां लक्ष्मी हम भक्तों उपर, दया कभी दिखलाओ मां.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।