गौरा मैया की भोले से शिकायत है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गौरा मैया की भोले से शिकायत है,

तेरी भांग अब न घोटी जात है....

घोटत घोटत दुखे हाथ भांग घुटावे तू दिन रात भोले सुन ले मेरी बात,

गई मायके तो लौट के न आत है,

तेरी भांग अब न घोटी जात है....

गोरा करे क्यों तकरार झगड़ा तेरा है बेकार,

भांग में घोटत थोड़ा प्यार,

तू पिला दे तो मजा आई जात है,

मेरी क्यों न घोटी जात है,

गौरा मैया की भोले से शिकायत है,

तेरी भांग अब न घोटी जात है....

अरे बात बात पे मांगे भांग लेली तूने मेरी जान,

बिक जावेगा घर ये मकान,

अपनी अमा से करनी शिकायात है,

तेरी भांग अब न घोटी जात है,

गौरा मैया की भोले से शिकायत है,

तेरी भांग अब न घोटी जात है....

मान ली गौरा तोरी बात ना करियो तू मोरी शिकायत,

कान पकड़ के जोडू हाथ

‘मनोज पागल’ भी गोरा जी के साथ है,

तेरी भांग अब न घोटी जात है,

गौरा मैया की भोले से शिकायत है,

तेरी भांग अब न घोटी जात है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।