जो साथ में है वो अपना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण मंत्र कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसा रंगया गुरा ने मन मेरा,

मैं राम राम बोलदी फिरा,

बेहमा परमा दा मुक्या कलेरा,

मैं राम राम बोलदी फिरा....

कदे भूली ना ध्यान गुरु मंत्र दा,

रखी हर वेले मान गुरु मंत्र दा,

इसे मंत्र ने लगाना पार बेड़ा,

मैं राम राम....

याद रखी साड़ी इक इक गल तू,

अंग संग जानी ओनु हर पल तू,

हर दिल विच उसे दा बसेरा,

मैं राम राम....

हर हाल ओनु सबदी खबर है,

हर वेले ओह्दी तेरे ते नजर है,

किसे काम दा नहीं है पर्दा तेरा,

मैं राम राम....

मैनु अपना बनाया सत्गुरा ने,

चरना नाल लगाया सत्गुरा ने,

मेरा मुक्या चौरासी वाला गेड़ा,

मैं राम राम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।