किशोरी जु की मधुर मधुर मुस्कान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

किशोरी जु की मधुर मधुर मुस्कान....

नहीं बिसरत मोहिं एकहुॅं छिंन कहॅं,नीलाम्बंर लहरांन,

किशोरी जु की मधुर मधुर मुस्कान,

किशोरी....

मणिमय मुकुट चंद्रिका तापर,तापरलर मुक्तान,

किशोरी जु की मधुर मधुर मुस्कान,

किशोरी....

ऐड़ी कहॅं वेणी चूमन चह,बाॅंकीं भृकुटी कमाल,

किशोरी जु की मधुर मधुर मुस्कान,

किशोरी....

खंजन मंजु रसीले नैंननि,मोहति श्याम सुजान,

किशोरी जु की मधुर मधुर मुस्कान,

किशोरी....

लखि कृपालु हम भोरे मुख पर,वारत तन मन प्राण,

किशोरी जु की मधुर मधुर मुस्कान,

किशोरी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।