पंचवटी के बीच सिया रावण ने चुराई रे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

पंचवटी के बीच सिया रावण ने चुराई रे.....

फूलों से पूछे कलियों से पूछे,

राम लखन हिल्की भर के रोवे,

क्या खुशबू बीच संभाल सिया रावण ने चुराई ये.....

गंगा से पूछे यमुना से पूछे,

राम लखन हिलकी भरके रोवे,

क्या लहरो बीच समाई सिया रावण ने चुराई ये......

चंदा से पूछा सूरत से पूछे,

राम लखन हिल्की भर के रोवे,

क्या तारों के बीच समाई सिया रावण ने चुराई रे.....

गैया से पूछे बछड़ा से पूछे,

राम लखन हिल्की भर के रोवे,

क्या हिरनी बन के उड़ गई सिया रावण ने चुराई ये....

ऋषि मुनि सन्तों से पूछे,

राम लखन हिलकी भर के रोवे,

क्या धरती बीच समाई सिया रावण ने चुराई रे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।