रहती है उनके संग संग जग जननी सीता मैया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरे राम के चरण को मन में बसा लो भैया,

रहती हैं उनके संग संग जग जननी सीता मैया.....

मिट जाएगी निराशा, आशा तेरी जागेगी,

तेरे काम होंगे पूरे, झोली तेरी भरेगी,

पतवार थाम लेंगे, सारे जग के है खेवैया,

रहती हैं उनके संग संग जग जननी सीता मैया,

मेरे राम के चरण को मन में बसा लो भैया,

रहती हैं उनके संग संग जग जननी सीता मैया......

ये है प्रभु करुणाकर, करते कृपा कृपाकर,

इन्हें तीन लोक ध्यावे, श्री शिव प्रभु प्रभाकर,

ये दास है शरण में, भव पार करें नैया,

रहती है उनके संग संग जग जननी सीता मैया,

मेरे राम के चरण को मन में बसा लो भैया,

रहती हैं उनके संग संग जग जननी सीता मैया......

जो मिल जाए गर दास को चरणों की थोड़ी छैया

रहती है उनके संग संग जग जननी सीता मैया

मेरे राम के चरण को मन में बसा लो भैया,

रहती है उनके संग संग जग जननी सीता मैया,

मेरे राम के चरण को मन में बसा लो भैया,

रहती हैं उनके संग संग जग जननी सीता मैया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।