रूठी हुई गोरा को मनाऊ कैसे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रूठी हुई गोरा को मनाऊ कैसे,

ईसर जी संग ब्याह रचाऊ कैसे.....

गोरा को मनाऊंगी टीका पहनाके,

गोरा को मनाऊंगी नथनी पहनाके,

टीका मँगाऊँगी ईसर से,

मांग भराउँगी इसर से,

ईसर संग ब्याह रचाऊ ऐसे....

गोरा को मनाऊंगी हरवा पहनाके,

गोरा को मनाऊंगी चुड़ा पहनाके,

मेहँदी मँगाऊँगी ईसर से,

अंगूठी मँगाऊँगी ईसर से,

हाँ ईसर संग ब्याह रचाऊ ऐसे....

गोरा को मनाऊंगी तगड़ी पहनाके,

गोरा को मनाऊंगी पायल पहनाके,

गोरा को मनाऊंगी बिछवा पहनाके,

महावर मँगाऊँगी ईसर से,

हाँ ईसर संग ब्याह रचाऊ ऐसे....

गोरा को मनाऊंगी लेहंगा पहनाके,

गोरा को मनाऊंगी अंगिया पहनाके,

चूनर मँगाऊँगी ईसर से,

हाँ ईसर संग ब्याह रचाऊ ऐसे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।