कैसा सुंदर मृग मनोहर चरने आया है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कैसा सुंदर मृग मनोहर चरने आया है,

मनोहर चरने आया है....

सुंदर मृग कमल से प्यारा,

मोटे मोटे नैनन वाला,

पकड़ो दीनानाथ मृग मेरे मन को भाया है रे,

कैसा सुंदर मृग.....

सिया की बात राम ने मानी,

झटपट उठ गए अंतर्यामी,

लिया हाथ में बाघ मृग को मारने आए हैं,

कैसा सुंदर मृग....

खींचा तीर हिरण को मारा,

हाय सिया हाय लखन पुकारा,

सुने मृग के बोल सिया का मन घबराया है,

कैसा सुंदर मृग....

उठो लखन तुम जल्दी जाओ,

अपने भाई के प्राण बचाओ,

आज तुम्हारे भाई पर कोई संकट आया है,

कैसा सुंदर मृग....

तुम तो री मैया भोली भाली,

सुबक सुबक के कितनी रोली,

त्रिलोकी के नाथ है उनकी अद्भुत माया है,

कैसा सुंदर मृग....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।