खाटू के नज़ारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देखो जरा देखो ये खाटू के नज़ारे,

आते हैं यहां पे सभी हारे के सहारे,

डूबे को लगाते हैं किनारे,

सांवरिया डूबे को लगाते हैं किनारे....

चल के जो खाटू धाम आए,

कुछ सुबह कुछ शाम आए,

चल के जो खाटू धाम आए,

कुछ सुबह कुछ शाम आए,

जुबां पे जिनके नाम तेरा,

श्याम उन्हीं के काम आए,

जो आ गए वो ही पा गए,

श्याम चरणों में देता जगह,

श्रद्धा से जो देखो पास बैठा वो तुम्हारे,

रख के भरोसा मन जो भी पुकारे,

डूबे को लगाते हैं किनारे,

सांवरिया डूबे को लगाते हैं किनारे......

श्याम को जो अपनाता है,

कष्ट से ना घबराता है,

श्याम को जो अपनाता है,

कष्ट से ना घबराता है,

कहे सांवरिया साथ सदा,

श्याम के जो गुण गाता है,

सानी नहीं दानी नहीं,

कोई दूजा जगत में बड़ा,

उन पर कृपा है शाम जिनको निहारे,

मैं बना दे बिगड़ी कर वारे न्यारे,

डूबे को लगाते हैं किनारे,

सांवरिया डूबे को लगाते हैं किनारे.....

कैसी श्याम की माया है,

कहीं धूप कहीं छाया है,

कैसी श्याम की माया है,

कहीं धूप कहीं छाया है,

निर्धन हो या धन वाले,

श्याम का साया है,

फिर क्यों डरे धीरज धरे,

जो है श्याम संग में खड़ा,

जो हुआ दीवाना देखें उसने ही नजारे,

चमका दे क़िस्मत चमके भाग्य के तारे,

डूबे को लगाते हैं किनारे,

सांवरिया डूबे को लगाते हैं किनारे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।