एक दिन राम से मिलनो है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक दिन राम से मिलनो है एक दिन श्याम से मिलनो है,

सीताराम से मिलनो है राधेश्याम से मिलनो है,

एक दिन राम से मिलनो है....

बेटा कह रहे हो रे बाबुल से,

मत मोहे मारे मत फटकारे,

एक दिन मेरे ही कांधे जाएगो,

एक दिन राम से मिलना है.....

बेटी कह रही रे मैया से,

मत मोहे ढाठे मत ललकारे,

तेरो मोसे ही पुण्य बड़ेगो,

एक दिन राम से मिलना है.....

कपड़ा कह रहे हो रे दर्जी से,

मत मोहे काटे मत मोहे फाड़े,

काऊ दिन मई में लिपटकर जाएगा,

एक दिन राम से मिलनो है.....

सोना कह रहे हो रे सुनरा से,

मत मोहे ठोके मत मोहे पीटे,

काऊ दिन तेरे ही मुंह में डरेगा,

एक दिन राम से मिलनो है.....

लकड़ी कह रही लकड़हारे से,

मत मोहे काटे मत मोहे चीरे,

काऊ दिन मोही में जरेगो,

एक दिन राम से मिलना है.....

मट्टी कह रही रे कुम्हार से,

मत मोह साने मत मोहे गुंदे,

काऊ दिन मोहि में मिल जायेगो,

एक दिन राम से मिलना है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।