नाम लेने से तर जाएगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाम लेने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा॥

उस गली होगी चर्चा तेरी,

जिस गली से गुजर जायेगा,

नाम लेने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा॥

बड़ी मुश्किल से नर तन मिला,

कल ना जाने किधर जाएगा,

नाम लेने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा॥

अपना दामन तो फैला ज़रा,

कोई दातार भर जाएगा,

नाम लेने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा॥

सब कहेंगे कहानी तेरी,

जब इधर से उधर जाएगा,

नाम लेने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा॥

याद आएगी दासता तेरी,

काम ऐसा जो कर जाएगा,

नाम लेने से तर जाएगा,

पार भव से उतर जायेगा॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।