मैं फिर से खाटू आ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा जादू खाटू वाले ऐसा सर पे छा गया,

मैं फिर से खाटू आ गया.....

जब भी मैं सांवरे थोडा उदास हो जाता हूँ,

तुझसे मिलने मुरली वाले दौड़ दौड़ आता हूँ,

संग ले करके भक्तो की टोली गाड़ी भर करके आ गया,

मैं फिर से खाटू आ गया....

घर से लकर रिंगस तक रिंगस फिर खाटू तक,

चैन नही आता है बाबा तेरा पैडी चढने तक,

तेरा सोडा मुखड़ा बाबा इन नैनो को भा गया,

मैं फिर से खाटू आ गया.....

मै आऊ हर बार जी संग लेकर परिवार जी,

कर कृपा हर महीने नही रहूँ हर हफ्ते तैयार जी,

मैं नाचू दरबार में ऐसे जैसे फिर से फागुन आ गया,

मैं फिर से खाटू आ गया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।