तू अपना हाल सुनाएं जा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दरबार में आकर बाबा को,

तू अपना हाल सुनाएं जा,

बाबा ना सुने ना मुमकिन है,

तू अपना जोर लगाए जा....

दरबार में आकर बाबा को,

तू अपना हाल सुनाएं जा….

है काम बहुत मेरे बाबा को,

ये सारे जग का स्वामी है,

सुनने की…. सुनने की…

सुनने की घड़ी कब आ जाए,

तू अपना दांव लगाए जा....

दरबार में आकर बाबा को,

तू अपना हाल सुनाएं जा….

नंबर कब किसका लग जाए,

ये अपनी-अपनी किस्मत है,

खाली ना… खाली ना…

खाली ना गया कोई दर से कभी,

आशा का दीप जलाए जा....

दरबार में आकर बाबा को,

तू अपना हाल सुनाएं जा….

यहां देर भले ही हो जाए,

अंधेर की कोई बात नहीं,

धीरज का.. धीरज का..

नंदू धीरज का फल मीठा,

तू धीरज को अपनाए जा...

दरबार में आकर बाबा को,

तू अपना हाल सुनाएं जा,

बाबा ना सुने ना मुमकिन है,

तू अपना जोर लगाए जा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।