हिमालय नगरी देखो रे भैया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हिमालय नगरी देखो रे भैया,

शम्भू दुनिया में मशहूर है,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है.....

जब देखा कैलाश में शिव की,

छवि सदा ही पाई है,

स्वर्ग छोड़कर गंगा मैया,

शिव की जटा में आई है,

शिव जी के चंदा से बिखरता,

शिव जी के चंदा से बिखरता,

हिमालयों में नूर है,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है.....

यहाँ पर उड़ते बादलों में,

शिव की झलक दिख जाती है,

यहाँ पर कुदरत पारवती,

मैया सा लाड़ लड़ाती है,

माता पिता के ऐसे प्यार से,

माता पिता के ऐसे प्यार से,

अब तक क्यों दूर है,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है.....

तूने राज काज सब त्याग दिया,

तूने तन में शिव को व्याप लिया,

बनकर महारानी कैलाश की,

तूने शिव के घर में वास किया,

गौरा शिव की अमर कहानी,

गौरा शिव की अमर कहानी,

घर घर में मशहूर है,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है.....

हिमालय नगरी देखो रे भैया,

देवो से भरपूर है ,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है,

कैलाशो के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है,

कैलाशो के राजा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।