चलता चल रे भक्ता महाकाल सवारी में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का,

काल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का....

चलता चल रे भक्ता महाकाल सवारी में.

भक्तो कि है भीड़ लगी महाकाल सवारी में....

तु रामघाट पे चल और भरले शिप्रा जल,

शिव का अभिषेक करे, महाकाल सवारी में....

तू शिव शिव रटता चल, अब छोड़ कपट और छल,

मुक्ति का है द्वार खुला, महाकाल सवारी में.....

भोले बड़े दानी है, वो जग के स्वामी है,

यह बरसे कृपा उनकी, महाकल सवारी में....

चलता चल रे भक्ता महाकाल सवारी में,

भक्तो कि है भीड़ लगी, महाकाल सवारी में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।