पीले फूलों की बगिया सुहानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पीले फूलों की बगिया सुहानी,

मेरी बगिया में आओ राधारानी...

माथे टीका सजाऊं, मांग सिंदूर सजाऊं,

माथे बिंदिया चमकती सुहानी मेरी बगिया,

पीले फूलों की बगिया सुहानी,

मेरी बगिया में आओ राधारानी....

हाथ चूड़ी पहनाऊं और कंगना पहनाऊं,

और मेंहदी चमकती सुहानी मेरी बगिया,

पीले फूलों की बगिया सुहानी,

मेरी बगिया में आओ राधारानी.....

पैर बिछिए पहनाऊं और महावर लगाऊं,

और पायल छनकती सुहानी मेरी बगिया,

पीले फूलों की बगिया सुहानी,

मेरी बगिया में आओ राधारानी.....

अंग लहंगा पहनाऊं और चोली पहनाऊं,

सर पे चुनरी चमकती सुहानी मेरी बगिया,

पीले फूलों की बगिया सुहानी,

मेरी बगिया में आओ राधारानी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।