हमें रास्तों की जरूरत नहीं है

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हमें रास्तों की जरूरत नहीं है,

हमें तेरे चरणों के निशांन मिल गये हैं,

हमें....

तुम ही से ज्ञान का दिपक जला है,

तुम से घनघोर अंधेरा मिटा है,

तुम जो नहीं हो प्रभु जी, कुछ भी नहीं है,

हमें....

तुम ही हो शिव ओर ब्रम्हां तुम्हीं हो,

सब कुछ तुम्हारा सब तुमको अर्पंण,

अब तेरा मैं हूं, मुझमें ही तूं है,

हमें....

कलियों में तूं है, फुलों में तूं है,

सागर की ईक ईक, लहरों में तूं है,

कहीं भी मैं जाऊं, बस तूं ही तूं है,

हमें....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।