तूं मेरी जिंदगी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तूं मेरी जिंदगी है, तूं मेरी हर खुशी है,

तुही प्यार तुही चाहत, तुही बन्दगीं है,

तूं....

जब तक ना देखूं तुझे, सुरज ना निकले,

जुल्फों के साये साये, मेहताब उबरे,

मेरे दिल में तुम्हीं तूं है, तेरी रोशनीं,

तूं....

छोड़ के दुनिया तुझ को अपना बना लूं,

सबसे छुपा के तुझको, दिल में बसा लूं,

तुहीं दिल का हौश़ साक़ी, तुहीं है ख़ुदी है,

तूं....

मेरे लबौं पे तेरे नगमें मिलेगें,

आंखों में मेरी तेरे जलवे मिलेंगें,

तुहीं मेरी पहली ख़्याईश तुहीं आख़री है,

तूं....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।