मेरे घर आए है भोले शंकर

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कैलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर....

आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग,

आ गए है प्रभु गौरा मैया के संग,

मनभावन रूप ये धर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर,

कैंलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर.....

पुत्र कार्तिक गणेश भी संग आए है,

पुत्र कार्तिक गणेश भी संग आए है,

रिद्धि सिद्धि को साथ में ले कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर,

कैंलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर.....

थाल तुम आरती का सजाओ सखी,

थाल तुम आरती का सजाओ सखी,

सभी मंगल गाओ मिल कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर,

कैंलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर.....

आज इच्छा होगी सबके दिल की पूरी,

आज इच्छा होगी सबके दिल की पूरी,

पाएंगे दर्शन जी भर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर,

कैंलाश शिखर से उतर कर,

मेरे घर आए है भोले शंकर.....

Shweta Pandey (Varanasi)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।