एक दिन जाणो रे सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक दिन जाणो रे सांवरिया,

मारे कई लेवा आंणो रे एक दिन जाणो रे.....

जीवता मां बाप ने रोटी न देने, मर्या पचे लाडु बढ़ावे,

मारे कई लेवा आंणो रे एक दिन जाणो रे.....

जीवता मां बाप ने बिस्तर नहीं देवे, मर्या पचे गदैलो लावे,

मारे कई लेवा आंणो रे एक दिन जाणो रे.....

जीवता मां बाप ने रूपया नहीं दैवे, मर्या पचे रूपया वाके आगे फेके,

मारे कई लेवा आंणो रे एक दिन जाणो रे.....

कहे रामचंद्र सुणलो रे, मां बाप की सेवा कर लो फेर नहीं आंणो ये,

मारे कई लेवा आंणो रे एक दिन जाणो रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।