तुलसा कब लेगी विश्राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुलसा घूम रही ब्रज धाम जाने कहां लेगी विश्राम,

मास बीते सावन भादो कुवार तुलसा कब लेगी विश्राम,

तुलसा घूम रही ब्रज धाम जाने कहां लेगी विश्राम....

जब तुलसा गोकुल में पहुंची,

घर अंगना सब देखन लागी,

पालना झूल रहे घनश्याम तुलसा ना लेगी विश्राम,

तुलसा घूम रही ब्रज धाम.....

जब तुलसा जमुना पर पहुंची,

लहरें देख बहुत खुश होती,

गोता लगा रहे घनश्याम तुलसा ना लेगी विश्राम,

तुलसा घूम रही ब्रज धाम.....

जब तुलसा मधुबन में पहुंची,

मधुबन में हरियाली देखी,

गैया चरा रहे घनश्याम तुलसा ना लेगी विश्राम,

तुलसा घूम रही ब्रज धाम.....

जब तुलसा बंसीवट पहुंची,

ब्रज की सखियां खेलती देखी,

बंसी बजा रहे घनश्याम तो तुलसा ना लेगी विश्राम,

तुलसा घूम रही ब्रज धाम.....

जब तुलसा निधिवन में पहुंची,

श्यामा और श्याम संग देखें,

वहां पर रास रचा रहे राधा श्याम तुलसा ना लेगी विश्राम,

तुलसा घूम रही ब्रज धाम.....

जब तुलसा वृंदावन पहुंची,

घर-घर तुलसा पुजती देखी,

वहां पर मिल गए सालिग्राम तुलसा वही लेगी विश्राम,

महीना आयो कार्तिक मास तुलसा अब लेगी विश्राम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।