झिरमिर झिरमिर आँख्या से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

झीरमीर झिरमिर आँख्या से आंसुड़ा बरसे

श्याम धनि सु मिलबा ताई मनडो तरसे

झीरमीर झिरमिर आँख्या से..........

जल बिन मछली तड़पे बाबा, था बिन थारो दास,

चाँद चकोरी जया महाने,श्याम मिलान की आश

झीरमीर झिरमिर आँख्या से..........

थारो म्हारो हेत हुयो कोई,पूर्व जनम का लेख

आँख्या में बस जाओ महारे,ज्यू काजल की रेख

झीरमीर झिरमिर आँख्या से.........

याद तेरी आता ही बाबा, देखु चारु और

बनवारी में ऐया नाचू, ज्यू जंगल में मोर

झीरमीर झिरमिर आँख्या से......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।