दिया वरदान बाबोसा को

पारंपरिक
हनुमान जी भजन विविध भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - बिंदिया चमकेगी, चूड़ी चमकेगी

हो अंजनी लाला ने बजरंग बाला ने,

दिया बाबोसा को ऐसा वरदान जी,

घर घर पूजेंगे तेरा गुण गायेंगे,

बोले बाबोसा से प्यारे हनुमान जी,

अंजनी लाला ने बजरंग बाला ने.....

बजरंग बाला ने महर करी तो हुई संतान छगनी माता को,

बड़ा ही नटखट लाल ये प्यारा मुखड़ा काले बाल,

ये सुंदर सुकोमल, भुजाओं में है बल,

होगा बड़ा गुणवान, बोले हनुमान जी,

अंजनी लाला ने बजरंग बाला ने.....

युवावय में, ये स्वर्ग सिधारे, वो चुरू नगर छोड़कर,

किया देवो ने सत्कार, हुई चारो तरफ जयकार,

गोदी में बिठा लिया, श्री बाबोसा नाम दिया,

देवे गदा श्री बाबोसा को हनुमान जी,

अंजनी लाला ने बजरंग बाला ने.....

छगनी नदंन, ये कर रहे वंदन, स्वर्ग लोक मे,

देव देवी को छगनी नदंन,

देवो ने प्यार लुटाया, बाबोसा ने आशीष पाया,

बरस रहे है सुमन, ये हर्षित हुआ है मन,

दिया ऐसा सम्मान, स्वर्ग में भगवान जी,

अंजनी लाला ने बजरंग बाला ने.....

मंजू बाईसा को देकर अपनी शक्ति यु बोले बाबोसा,

मंजू बाईसा दुख दूर करो तुम, भक्तो के बोले बाबोसा,

पल में दौड़ा आऊंगा मै, जो भी दिल से बुलाये,

दिलबर आयेंगे, वो रुक ना पायेंगे,

अरचु जब भी बुलाया, बाबोसा भगवान को,

अंजनी लाला ने बजरंग बाला ने.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।