मेरे अंगना में आए भगवान प्रेम रंग बरस रहा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे अंगना में आए भगवान प्रेम रंग बरस रहा,

प्रेम रंग बरस रहा.....

राम जी आए लक्ष्मणजी आए,

सीता आए हनुमान जी आए,

नी मैं पलकां दी सेज बिशामा प्रेम रंग बरस रहा,

मेरे अंगना में आए.....

पूरे हो गए मेरे सपने,

अपने पराए सब बन गए अपने,

मेरा अंग अंग में नाच रहो प्रेम रंग बरस रहा,

मेरे अंगना में आए........

धरती नाचे आज अंबर नाचे,

ऐसा लगे जग सारा नाचे,

मेरा तन मन नाच रहो प्रेम रंग बरस रहा,

मेरे अंगना में आए.......

रूणक झुणक मेरी पायल बाजे,

ब्रहमा नाचे अज बिष्णु भी नाचे,

अज देवता फूल बरसाए प्रेम रंग बरस रहा,

मेरे अंगना में आए.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।