तीनों लोकों में है सबसे निराला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तीनों लोकों में है सबसे निराला,

वो कान्हा मेरे मन बसता,

जिसके नाम का है जग में उजाला,

वो कान्हा मेरे मन बसता.....

नील वरण तन श्याम है जिसका,

वही श्याम मेरे मन विच बसता,

कैसी सांवली सलोनी छवि वाला,

वो कान्हा मेरे मन बसता,

तीनों लोकों में है सबसे निराला,

वो कान्हा मेरे मन बसता.....

ये जो बाबा नंद का छोरा,

जानता है सब जादू टोना,

लूट लिया मेरा मन भोला भाला,

वो कान्हा मेरे मन बसता,

तीनों लोकों में है सबसे निराला,

वो कान्हा मेरे मन बसता.....

तन मन धन सब तुझ पर अर्पण,

ये जीवन अपना मन मोहन,

जिसके नाम की मैं जपती हूं माला,

वो कान्हा मेरे मन बसता,

तीनों लोकों में है सबसे निराला,

वो कान्हा मेरे मन बसता.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।