एक दिन मैं भी खाटू आऊं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक दिन मैं भी खाटू आऊं,

बाबा दर्शन थारा पाऊं,

मन में चाव रे,

मने भी घुमा दे खाटू गाँव रे, ओ सांवरे,

मने भी घुमा दे खाटू गाँव रे.....

मैंने सुना है खाटू की महिमा है बड़ी ही न्यारी,

सबको खूब घुमाया कब आएगी मेरी बारी,

घर से पैदल चलकर आऊं,

बाबा तने निशान चढ़ाऊँ नंगे पाँव रे,

मने भी घुमा दे खाटू गाँव रे......

सबसे पहले बाबा मुझको श्याम कुंड ले जाना,

हाथ पकड़ के बाबा म्हारा मने स्नान कराना,

दूजे श्याम बगीची जाऊं,

गोद में सर रख कर सो जाऊं पेड़ की छाँव में,

मने भी घुमा दे खाटू गाँव रे.....

एक बच्चे की खातिर बाबा खुद बच्चा बन आया,

पीठ बिठाया ऊँगली पकड़ के मेलो सारो घुमाया,

बाबा थारी महिमा न्यारी,

करवा दी नीले की सवारी पुष्कर के भाव रे,

मने भी घुमा दे खाटू गाँव रे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।