होली में रंग बरसे रंग

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होली में रंग बरसे रंग बरसे श्याम प्यार से,

होली में मन हरसे मन हरसे श्याम प्यार से,

होली वाला प्यार हो भूले नही भूलता,

होली वालेप्यार से सारा जग झूमता,

सारा जग झूमे श्याम राधा संग झूमता,

प्रेम पिचकारी रंगवाली मीठी धार से,

होली में रंग बरसे ..............

श्याम रंग वाला श्याम रंग से फुतिला है,

पिला नीला रंग मुख में लाके चटकीला है,

रंगी हुई राधा का रंग मत वाला है,

राधा श्याम देख रंगे जाये बलिहार से,

होली में रंग बरसे रंग.............

श्याम रंग रंग सखिया भी संग हर्षे,

अपने पिया के संग रंगने को तरसे,

चोली रंग रंग के रंग रंगे मन तार से,

श्याम को पकड़ पड़ी गले मनो हार से,

होली में रंग बरसे...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।