मेरी दुनिया श्याम तू ही

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी दुनिया मेरी खुशियां,

मेरे श्याम है तू ही....

तू ही है रास्ता,

तू ही मेरा मुकाम है,

तेरे नाम से ही श्याम प्रभु,

मेरा नाम है,

दुनिया के लिए होगी,

ये दुनिया बहुत बड़ी,

मेरी दुनिया शुरू तुमसे,

तुम पर तमाम हैं.....

तुमसे ही प्रेम और,

शिकायत तुम्हीं से है,

कुछ पाना हो अगर तो वो,

चाहत तुम्हीं से है,

तुमसे ही मेरी अर्ज़ी,

तुमसे मेरी विनय,

तुमसे ही मेरा झगड़ा,

बग़ावत भी तुमसे है....

सर्वस्व माना तुमको,

जैसे भी चाहे तुम रखो,

मेरी ज़िंदगी के लेखक,

जो कुछ भी चाहे तुम लिखो,

चाहे खुशियों का मुझे राग दो,

चाहे मुझको गम की आग दो,

चाहे निर्मल कर दो मन मेरा,

चाहे दुनिया भर के दाग दो.....

अम्बर से बोलो आखिर,

होता है सूरज कब जुदा,

मेरे भी मन मंदिर में,

महसूस होता तू सदा,

"रजनी" पर ये उपकार हो,

चाहे बंद तुम्हारे द्वार हो,

“सोनू" जब भी देखूँ जिधर,

नज़रो को तेरा दीदार हो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।