हरिद्वार में मिलेंगे दोनो जने

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तुम पर्वत हम नीचे खड़े,

हरिद्वार में मिलेंगे दोनों जने.....

भोले तुम बगिया हम फुल बने,

खुशबू में मिलेंगे दोनों जने,

भोले तुम पर्वत हम नीचे खड़े,

हरिद्वार में मिलेंगे दोनों जने.....

भोले तुम धागा हम मोती बने,

सुमिरन में मिलेंगे दोनों जने,

भोले तुम पर्वत हम नीचे खड़े,

हरिद्वार में मिलेंगे दोनों जने.....

भोले तुम दीपक हम बाती बने,

ज्योति में मिलेंगे दोनों जने,

भोले तुम पर्वत हम नीचे खड़े,

हरिद्वार में मिलेंगे दोनों जने.....

भोले तुम सागर हम लहरै बने,

मौसम में मिलेंगे दोनों जने,

भोले तुम पर्वत हम नीचे खड़े,

हरिद्वार में मिलेंगे दोनों जने.....

भोले तुम कागज हम शाही बने,

वेदों में मिलेंगे दोनों जने,

भोले तुम पर्वत हम नीचे खड़े,

हरिद्वार में मिलेंगे दोनों जने.....

भोले तुम शंकर हम दास है तेरे,

सेवा में मिलेंगे दोनों जने,

भोले तुम पर्वत हम नीचे खड़े,

हरिद्वार में मिलेंगे दोनों जने.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।