श्री कामतानाथ महिमा

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ये पाप नशावन, पर्वत है पावन,

श्रीराम विराजे, लगता मनभावन,

कैसे आयेंगे जीवन में, खुशियों के पल,

कामतानाथ आके ले लो दुनियां के फल....

स्टेशन से थोड़ी दूरी, ना संसाधन की मजबूरी,

पांच मील बस चित्रकूट है, दस मिनटों में करलो पूरी,

पैसुनी नहाओ, मतगंजन जाओ,

आज्ञा ले उनसे, कामद को जाओ,

कैसे आयेंगे जीवन में, खुशियों के पल,

कामतानाथ आके ले लो दुनियां के फल....

मुख्य द्वार पे दर्शन करके, करें परिक्रमा पैदल चलके,

भरत राम के चरण निहारो, वो पहचान है भरत मिलन के,

मंदिर में आओ, सबशीश झुकाओ,

प्रभु अन्तर्यामी, मन में बैठाओ,

कैसे आयेंगे जीवन में, खुशियों के पल,

कामतानाथ आके ले लो दुनियां के फल....

कांटों की हैं फैली बाहें,देख निकलती दिल से आहें,

ताप सहे ग्यारह वर्षों तक,तब देखी आगे की राहें,

शबरी घर आये, संतों को भाये,

जो डर फैलाये ,परलोक पठाये,

कैसे आयेंगे जीवन में, खुशियों के पल,

कामतानाथ आके ले लो दुनियां के फल....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।