ये बाबा तो मेरा रखवाला है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब मन मेरा घबराए, कोई राह नज़र ना आये,

ये हाथ पकड़ के मेरा, मुझे मंज़िल तक ले जाये,

ये बाबा तो मेरा रखवाला है, मुझे पल पल संभाला हैं॥

कोई भी पास नहीं था, तब ये ही साथ खड़ा था,

मुझ दीन हीन कि खातिर दीनो का नाथ लड़ा था,

मेरे सिर पे हाथ फिराया, मुझे अपने गले लगाया,

मैं हर दम साथ हूँ तेरे, मुझको एहसास कराया,

ये बाबा तो मेरा रखवाला है.....

दर्दो को सहते सहते कितना मैं टूट गया था,

रो रो कर इन आँखों का हर आंसू सूख गया था,

मेरे श्याम ने मुझे निहारा, दुःख मेट दिया है सारा,

अब इसके भरोसे छोड़ा, मैंने ये जीवन सारा,

ये बाबा तो मेरा रखवाला है.....

मेरे मन के उपवन का मेरा श्याम बना है माली,

इनकी शीतल छाया में महकी हैं डाली डाली,

आनंद का फूल खिलाया, जीवन मधुबन है बनाया,

अपनी किरपा का अमृत, मुझ पर है खूब लुटाया,

ये बाबा तो मेरा रखवाला है.....

अंतिम अरदास यही है मेरे श्याम का ही हो जाऊ,

गोदी में श्याम प्रभु की मैं सिर रख के सो जाऊ,

मुझे देख श्याम मुस्काये, मेरी रूह चैन तब पाए,

फिर तरूण श्याम मस्ती में, लेकर इकतारा गाये,

ये बाबा तो मेरा रखवाला है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।