श्याम चले आते हैं भक्तों के घर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पता नहीं कैसे लग जाती है खबर,

श्याम चले आते हैं भक्तों के घर……

भक्तों का दिल श्याम तोड़ते नही,

घर भक्तों का कभी छोड़ते नहीं,

भक्तों पर रहती है श्याम की नजर,

श्याम चले आते हैं भक्तों के घर,

पता नहीं कैसे लग जाती है खबर,

श्याम चले आते हैं भक्तों के घर……

श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा,

हे नाथ नारायण वासुदेवा,

हे नाथ नारायण वासुदेवा,

पता नहीं कैसे लग जाती है खबर,

श्याम चले आते हैं भक्तों के घर……

खोज लिया ढूंढ लिया सारा जहां,

भक्तों के घर मिले पाव के निशा,

भक्तों पर रहती है श्याम की नजर,

श्याम चले आते हैं भक्तों के घर,

पता नहीं कैसे लग जाती है खबर,

श्याम चले आते हैं भक्तों के घर…….

आज नंद के लाला को दिल से मनाएंगे,

नाचेंगे झूम-झूम सबको नचाएंगे,

आज नंद के लाला को दिल से मनाएंगे,

नाचेंगे झूम-झूम सबको नचाएंगे,

पता नहीं कैसे लग जाती है खबर,

श्याम चले आते हैं भक्तों के घर……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।