शिव का ध्यान लगाया कर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तू सुबह सुबह शिव पिंडी पे,

जल प्रेम से रोज चढ़ाया कर,

शिव नमः शिवाय गाया कर,

जल प्रेम से रोज चढ़ाया कर,

शिव ध्यान रखेंगे सदा तेरा,

तू शिव का ध्यान लगाया कर,

तू सुबह सुबह शिव पिंडी पे,

जल प्रेम से रोज चढ़ाया कर.....

शिव करुणा का सागर तेरे,

आंगन में नित बरसेगा,

शिव भजन अमृत रोज पिया कर,

मन प्यासा ना तरसेगा,

शिव ही मुक्ति के दाता है,

ये बात ना तू बिसराया कर,

तू सुबह सुबह शिव पिंडी पे,

जल प्रेम से रोज चढ़ाया कर.....

शिव भक्ति की भस्म लागले माथे की रेखाओ पर,

भाग्य बदलनी है तो रखदे,

शीश को शिव के पाँवो पर,

महादेव है देवो के इनको ह्रदय में तू बसाया कर,

तू सुबह सुबह शिव पिंडी पे,

जल प्रेम से रोज चढ़ाया कर.....

अलख निरंजन भय भंजन बाबा भोले भंडारी,

तीनो लोको के स्वामी विश्वनाथ शिव त्रिपुरारी,

मन मिट्ठू को रोज इनका पाठ पढ़ाया कर,

तू सुबह सुबह शिव पिंडी पे,

जल प्रेम से रोज चढ़ाया कर.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।