लाखों तर गए लाखों ने तर जाना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लाखों तर गए, लाखों ने तर जाना ll,

मईया जी तेरा, नाम जपके ll

मन मंदिर में, तुझको बिठाना ll,

मईया जी तेरा, नाम जपके,,,

लाखों तर गए, लाखों ने तर जाना ll,

मईया जी तेरा, नाम जपके ll

लाखों तर गए माँ, तेरा नाम जपके, xll

भक्ति की दात, मुझे मिलती रहे,

"माला तेरे नाम वाली, फिरती रहे" l

चरणों में मुझको, लगा के रखना,

"ममता की गोद में, बिठा के रखना" ll

तेरे आसरे है ll, जीवन बिताना ll,

मईया जी तेरा, नाम जपके,,,

लाखों तर गए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

लाखों तर गए माँ, तेरा नाम जपके, xll

जिसके भी सर पे है, तेरा हाथ माँ,

"सुख चैन उसके है, साथ साथ माँ" l

पापिओं के पाप, कर दो माफ़ माँ,

"जिंदगी का चोला, हो जाए साफ़ माँ" ll

गुनाहगारों ने ll, गुनाह बख्शाना ll,

मईया जी तेरा, नाम जपके,,,

लाखों तर गए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

तेरा नाम जपके, तेरा नाम जपके llll

धूल है नसीबों वाली, तेरे द्वार की,

"गर्दिशों की धुल को है, जो उतारती" l

करेगा जो जाप तेरा, सच्चे मन से,

"दुःख उड़ जाएंगे, कपूर बनके" ll

फ़ानी खुशियों का ll, वरदान पाना ll,

मईया जी तेरा, नाम जपके,,,

लाखों तर गए,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

लाखों तर गए माँ, तेरा नाम जपके, xll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।