अंजनी के लाल हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अंजनी के लाल हनुमान आज मेरी रक्षा करो ॥

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लगी आग लंका में भगदड़ मची थी ॥

कुटिया विभीषन की कैसे बची थी ॥

कुटिया में लिखा था राम राम आज मेरी रक्षा करो ॥.

अंजनी के लाल हनुमान आज मेरी रक्षा करो ॥

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विष का प्याला मीरा ने पिया था॥

विष अम्रित में कैसे हुआ था ॥

प्याले में लिखा था राम राम आज मेरी रक्षा करो ॥.

अंजनी के लाल हनुमान आज मेरी रक्षा करो ॥

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इन्हीं दुष्ट लोगों ने खम्बा रचा था ॥

निर्दोष प्रहलाद कैसे बचा था ॥

खम्बे में लिखा था राम राम आज मेरी रक्षा करो ॥.

अंजनी के लाल हनुमान आज मेरी रक्षा करो ॥

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भरी सभा में द्रौपदी रो रही थी ॥

रो रो कर आँसुओं से मुँह धो रही थी

साड़ी में लिखा था राम राम आज मेरी रक्षा करो ॥

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अंजनी के लाल हनुमान आज मेरी रक्षा करो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।