व्रत ग्यारस का सबसे महान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

व्रत ग्यारस को सबसे महान,

करो नित विष्णु जी का ध्यान,

व्रत ग्यारस को...

जिस घर में राधे मात पिता है,

मात पिता हे राधे मात पिता है,

राधिके वह घर आज्ञा धाम,

व्रत ग्यारस को.....

जिस घर में राधे सास-ससुर हैं,

सास ससुर है राधे सास ससुर हैं,

राधिके वह घर सेवा धाम,

व्रत ग्यारस को.....

जिस घर में राधे बहन भांजी,

बहन भांजी राधे बहन भांजी,

राधिके वह घर पुण्य समान,

व्रत ग्यारस को.....

जिस घर में राधे पति की सेवा,

पति की सेवा राधे पति की सेवा,

राधिके वह घर स्वर्ग समान,

व्रत ग्यारस को.....

जिस घर में राधे गौ माता की सेवा,

गो माता की सेवा राधे गोमाता की सेवा,

राधिके वह घर सेवा धाम,

व्रत ग्यारस को.....

जिस घर में तुलसी की पूजा,

तुलसी की पूजा राधे तुलसी की पूजा,

राधिके उस घर आमै शालिग्राम,

व्रत ग्यारस को.....

जिस घर में संतों की सेवा,

संतों की सेवा ऋषि-मुनियों की सेवा,

राधिके वह घर तीरथ धाम,

व्रत ग्यारस को.....

जिस घर में हरि कीर्तन होवे,

कीर्तन होवे हरि सत्संग होवे,

राधिके वह घर मुक्तिधाम,

व्रत ग्यारस को.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।