सीता सीता राम जपूं मैं तेरी गालियों में

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सीता सीता राम जपूं मैं तेरी गालियों में,

राधे राधे श्याम जपूं मैं तेरी गालियों में..

राम का नाम बड़ा सुखदाई,

लेकर तर गई शबरी माई,

ऐसा प्यारा नाम जपूं मैं तेरी गालियों में,

सीता सीता राम जपूं मैं तेरी गालियों में....

राम का नाम बड़ा सुखदाई,

लेकर तर गई अहिल्या माई,

ऐसा प्यारा नाम जपूं मैं तेरी गालियों में,

सीता सीता राम जपूं मैं तेरी गालियों में....

राम का नाम बड़ा सुखदाई,

लेकर तर गई मीराबाई,

ऐसा प्यारा नाम जपूं मैं तेरी गालियों में,

सीता सीता राम जपूं मैं तेरी गालियों में.....

राम का नाम बड़ा सुखदाई,

लेकर तर गई द्रौपदी रानी,

ऐसा प्यारा नाम जपूं मैं तेरी गालियों में,

सीता सीता राम जपूं मैं तेरी गालियों में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।