पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे अंगना में तुलसा का ब्याह राधे,

पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम राधे.....

मेरे अंगना में नंदबाबा भी आए,

बाबा भी आए यशोदा मां को लाए,

राधा रानी ना आई नाराज राधे,

पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम राधे,

मेरे अंगना में....

सब सखियां मिल यू उठ बोली,

तुलसी का ब्याह राधे तुम क्यों रूठे,

तुम कछु तो रही हो छुपाए राधे,

पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम राधे,

मेरे अंगना में....

यह तुलसा तो है आनी जानी,

कान्हा हमारे हैं जन्मों के साथी,

है उन पर जीवन बलिहार राधे,

पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम राधे,

मेरे अंगना में.....

सखियां में मंगल गांमें,

नाचे गांमें खुशी मनामें,

घर छाई है खुशियां अपार राधे,

पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम राधे,

मेरे अंगना में.....

शालिग्राम संग हम ना आवे,

सौतन हमारे घर में लामें,

वह छलिया है बड़े चितचोर राधे,

पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम राधे,

मेरे अंगना में.....

शालिग्राम को तुलसा प्यारी,

भोग लगा में सब नर नारी,

सखी हमको तो इनसे है प्यार राधे,

पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम राधे,

मेरे अंगना में.....

कार्तिक मास तुलसा हमको प्यारी,

राधा हमारी जन्मों के साथी,

तन मन है इन पर बलिहार राधे,

पत्ते पत्ते पर मोहन का नाम राधे,

मेरे अंगना में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।