तुलसा महारानी तेरी जय होवे

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तुलसा महारानी तेरी जय होवे,

हरि की पटरानी तेरी जय होवे,

तेरी जय होवे, तेरी जय होवे,

तुलसा महारानी तेरी जय होवे....

कहां बैठी तुलसा कहां बैठे राम जी,

और कहां बैठे मेरे शालिग्राम जी,

तुलसा महारानी....

अंगना बैठी तुलसा सिंहासन पर राम जी,

और छज्जे पर बैठे मेरे शालिग्राम जी,

तुलसा महारानी....

कहां खावें तुलसा कहां खावें राम जी,

और कहा खावें मेरे शालिग्राम जी,

तुलसा महारानी.....

लड्डू खावें तुलसा पेड़ा खावें राम जी,

माखन मिश्री के खिबेया मेरे शालिग्राम जी,

तुलसा महारानी.....

कहां पीवें तुलसा कहां पीवें राम जी

और कहा पीवें मेरे शालिग्राम जी,

तुलसा महारानी.....

जल पीमें तुलसा दूध पीमें राम जी,

दही छाछ के पिबेया मेरे शालिग्राम जी,

तुलसा महारानी.....

कहां कोढे तुलसा कहा ओढ़े राम जी,

और काहेके उढेया मेरे शालिग्राम जी,

तुलसा महारानी.....

सोल लोढे तुलसा दुशाला ओढ़े राम जी,

काली कमली के उढेया मेरे शालिग्राम जी,

तुलसा महारानी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।