मेरे मन में बसी है मैया एक छोरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन में बसी है मैया मेरे एक छोरी,

अति की मलूक रंग रूप की है गोरी.....

सांवरे कन्हैया तू यह क्या कर आयो,

बरसाने वाली राधा मन भर आयो,

सांवरे कन्हैया मौहै मत कर जोरी,

अति की मलूक रंग रूप की है गोरी,

मन में बसी है......

लंबी तगड़ी लाला बरसाने की राधा,

ब्याह करेगा तुसी लग जाएगी ज्यादा,

लंबी तगड़ी का नाहै कछु दुखड़ा,

मुड़िया पर चढ़कर मैया देख लूंगा मुखड़ा,

ब्याह के लाओ मैया बरसाने की छोरी,

अति की मलूक रंग रूप की है गोरी,

मन में बसी है......

साची साची साची मैया बात कहूं तोसे,

बरसाने वाली राधा प्यार करें मोंसे,

वाहीं से बनी है मैया लव स्टोरी,

अति कि मलूक रंग रूप की है गोरी,

मन में बसी है.....

हल्दी लगा दे मैया मेहंदी लगा दे,

मोटी मोटी अंखियों में कजरा लगा दे,

नंद बाबा से कहकर मैया मंगवा दे घोड़ी,

अति की मलूक रंग रूप की है गोरी,

मन में बसी है.....

ग्वाल वालों को बरात में ले जाऊंगा,

बलदाऊ भैया को बरात ना ले जाऊंगा,

ब्याह के लायूं मैया बरसाने की छोरी,

अति की मलूक रंग रूप की है गोरी,

मन में बसी है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।