तेरे कितने नाम कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोविंद कहूं गोपाला तोहै कहूं नंद को लाला,

तेरे कितने नाम कन्हैया तुझे कहते मुरली वाला.....

मीरा ने तुम्हें पुकारा, प्रभु आकर बनो सहारा,

तुने पल की देर करी ना तूने आकर अमृत बनाया,

गोविंद कहूं गोपाला.....

द्रुपद ने तुम्हें पुकारा, प्रभु आकर बनो सहारा,

तूने पल की देर करी ना आकर के चीर बढ़ाया,

गोविंद कहूं गोपाला.....

हरिश्चंद्र ने तुम्हें पुकारा, प्रभु आकर बनो सहारा,

तूने पल की देर करी ना आ करके घड़ा उठाया,

गोविंद कहूं गोपाला.....

नरसी ने तुम्हें पुकारा, प्रभु आकर बनो सहारा,

तूने पल की देर करी ना आकर के भात भराया,

गोविंद कहूं गोपाला.....

संगत ने तुम्हें पुकारा, प्रभु आकर बनो सहारा,

तूने पल की देर करी ना आकर के दरस दिखाया,

गोविंद कहूं गोपाला.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।