सारी संगता ने अज आउना सोहना दर्शन पाना ऐ

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरा दे सोणे दर्शन कर लो,

सोणी मूरत दिल विच कर लो,

भागा वाली संगता ने जी दर्शन पाना है,

सारी संगता ने अज आउना हारावाले ने आउना ऐ,

हारावाले ने आउना ऐ सोहना दर्शन पाना ऐ......

दाता कोलो मंगिया मुरादा,

हस के पुरिया होईया,

हथा दिया लकीरा बदलिया,

जो सी कदो दिया सोईया,

भगता चरणी लगके किस्मत नू चमकाना ऐ,

सारी संगता ने अज आउना हारावाले ने आउना ऐ.....

जय जयकार बोले सारी संगत,

ढोल नगाड़े बजने ने,

रूप सोहना है दाता मेरे दा,

असा पल पल दर्शन करने ने,

गुरा दे चरणा दे विच जाके महिमा नू गोणा ऐ,

सारी संगता ने अज आउना हारावाले ने आउना ऐ.....

दर ते तेरे भक्त हैं सारे दर्शन तेरे पादे ने,

भगत है गांदे भजन गुरा दे सोणी महिमा गांदे ने,

गुरा दे चरणा दे विच जाके महिमा नू गोणा ऐ,

सारी संगता ने अज आउना हारावाले ने आउना ऐ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।