विनती तू सुन ले जग दे वाली

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी आरती गाऊं मैं सजाकर थाली,

विनती तू सुन ले जग दे वाली,

तेरी महिमा है जग में बड़ी ही निराली,

विनती तू सुन ले जग दे वाली.....

भगती तेरी का दीपक मन में जलाऊ,

दर्शन तेरा रोज मैं पाऊं

दर्शन तेरा रोज मैं पाऊं

दर पर आए हम सब सवाली,

विनती तू सुन ले जग दे वाली,

तेरी आरती गाऊं मैं सजाकर थाली,

विनती तू सुन ले जग दे वाली.....

बिगड़े का तू काम बनाए,

हर भटके को राह दिखाएं,

तन मन और जीवन करू अर्पण,

तेरे दर से जाए कोई ना खाली,

विनती तू सुन ले जग दे वाली,

तेरी आरती गाऊं मैं सजाकर थाली,

विनती तू सुन ले जग दे वाली.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।